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अदरक (Ginger)


अदरक (Ginger)
लेखक: शम्भू नौटियाल

अदरक (Ginger); संस्कृत नाम: सिंगबेर (वानस्पतिक नाम-जिंजिबर ऑफिसिनेल: Zingiber officinale), एक भूमिगत रूपान्तरित तना है। अदरक जिंजीबरेसी कुल का पौधा है। यह मिट्टी के अन्दर क्षैतिज बढ़ता है।  इसमें काफी मात्रा में भोज्य पदार्थ संचित रहता है जिसके कारण यह फूलकर मोटा हो जाता है। अधिकतर उष्णकटिबंधीय (ट्रापिकल्स) और शीतोष्ण कटिबंध (सबट्रापिकल) भागों में पाया जाता है। अदरक दक्षिण एशिया का देशज है किन्तु अब यह पूर्वी अफ्रीका और कैरेबियन में भी पैदा होता है। अदरक का पौधा चीन, जापान, मसकराइन और प्रशांत महासागर के द्वीपों में भी मिलता है। इसके पौधे में सिमपोडियल राइजोम पाया जाता है। सूखे हुए अदरक को सौंठ (शुष्ठी) कहते हैं।

भारत में यह बंगाल, बिहार, चेन्नईमध्य प्रदेश कोचीन, पंजाब और उत्तर प्रदेश में अधिक उत्पन्न होती है। उत्तराखंड में टिहरी के आगराखाल का सस्ता अदरक भी काफी मसहूर है। अदरक का कोई बीज नहीं होता, इसके कंद के ही छोटे-छोटे टुकड़े जमीन में गाड़ दिए जाते हैं। यह भारत में एक मसाले के रूप में प्रमुख है। अदरक स्वाद में तीखी होती है। अदरक पाचक, चिड़चिड़ापन दूर करने वाली एक अद्भुत औषधि है। यह पीड़ानाशक और स्वादिष्ट होती है तथा वायू और कफ का नाश करती है। अदरक जमीन के नीचे पाई जानेवाली, ढाई से तीन फीट उचाई की झाडी की,पीले रंग की जड़ होती है। अदरक लंबे समय तक उपयोगी बनी रहे उस के लिये उसे धूप में सुखाया जाता है। कुछ जगह दूध में डूबोकर सूखने के बाद उसका सौन्ठ बनाया जाता है। सौन्ठ अदरक से भी ज्यादा गरम होती है। सौन्ठ से तेल निकाला जाता है। अगर आप अदरक को लम्बे समय तक संभल कर रखना चाहते हैं, तो उसे गीली मिट्टी में भी दबा कर रखा जा सकता है। मसाले और दवा के तौर पर अदरक को दुनियाभर में उपयोग किया जाता है। अदरक दवा के रूप में बहुत ही परिणामकारक सिद्ध हुआ है, इसलिये उसे ‘महाऔषधी’ कहा जाता है। अदरक को बारीक काट कर उसमें थोड़ा-सा नमक मिला लें और रोज एक बार लगातार एक सप्ताह तक थोड़ा-थोड़ा खाएं। आपका पेट भी साफ होगा और भूख भी लगेगी।

कोल्ड, फ्लू जैसी बीमारियों में लाभप्रद होने के अलावा अदरक लूज मोशन और फूड पॉइजनिंग जैसी बीमारियों के लिए भी लाभप्रद है। इसका नियमित सेवन करने से पाचन शक्ति दुरुस्त रहती है।
फायदे:
अदरक का नियमित सेवन माइग्रेन के दर्द को कम करता है।
पीरियड के दौरान पेट में होने वाली ऐंठन में ब्राउन शुगर और अदरक की चाय पीने से आराम मिलता है।
शुगर की शिकायत वाले व्यक्ति अगर नियमित तौर पर अदरक का सेवन करें तो किडनी के नुकसान की आशंका काफी कम हो जाती है।
मिनेस्टा यूनिवर्सिटी के शोधकर्ताओं ने पाया है कि अदरक कोलोरेक्टल कैंसर के खतरे को काफी हद तक कम करता है।
प्रेग्नेंसी के समय होने वाली मॉर्निंग सिकनेस को दूर करने में अदरक वैसे ही प्रभावशाली है, जैसे विटामिन बी-6 की गोली।
यह लूज मोशन के दौरान होने वाले नोजिया में भी लाभप्रद है।
अदरक एक बेहतरीन दर्दनाशक है। खांसी जुकाम, बुखार और सिरदर्द में इसका सेवन करने से तुरंत आराम मिलता है।
हीटबर्न को दूर करने में यह बेहद फायदेमंद औषधि है। ऐसी स्थिति में इसे चाय के रूप में लेना ठीक रहता है।
त्वचा को खूबसूरत और चमकदार बनाना चाहते हैं तो रोज सुबह-सुबह खाली पेट अदरक का एक छोटा टुकड़ा गुनगुने पानी के साथ खाएं। इससे आपकी त्वचा निखर उठेगी।
कब्ज से परेशान हैं तो अजवाइन और नींबू के रस में थोड़ा नमक मिला लें। उसमें अदरक मिला कर खाएं, काफी लाभ होगा।
अदरक का पाउडर ओवेरियन कैंसर के इलाज में काम आता है। एक शोध में पाया गया है कि अदरक में उपलब्ध तत्व ओवेरियन कैंसर के सेल को खत्म करते हैं।

 

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