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लोकगायिका कबूतरी देवी का प्रसिद्ध गीत - आज पनि जाऊं-जाऊं


"'आज पनि जाऊं-जाऊं भोल पनि जाऊं-जाऊं"

कुमाऊँनी लोकगायिका कबूतरी देवी का पहाड़ी लोक संगीत में एक बहुत स्थान था।  उनकी खनकती सुरीली आवाज कबूतरी देवी को कुमाऊँ की सुमधुर लोकगायिका के रूप में देश में पहचान देती है।   कबूतरी देवी जी के संगीत सफर को आज से ३०-४० वर्ष पूर्व आकाशवाणी के लखनऊ और नजीबाबाद केन्द्रों से प्रसारित ‘उत्तरायण‘ व अन्य पहाड़ी कार्यक्रमों के द्वारा लोकसंगीत कलाकार के रूप में एक विशिष्ट पहचान दी।

नीचे प्रस्तुत है कबूतरी देवी जी के स्वर में उनके द्वारा गाये गए प्रसिद्ध गीत "आज पनि जांऊ जांऊ,...." के बोल और ऑडियो:-

आज पनि जांऊ जांऊ,
भोल पनि जांऊ जांऊ
पोरखिन कै न्हैं जौंला।
स्टेशन सम्म पुजै दे मलै
पछिल वीरान  ह्वे जौंला।।

आज पनि जांऊ जांऊ,....-२ 

स्टेशन जौंला टिकट ल्यौंला
गाड़ी में भै जौंलां
स्टेशन सम्म पुजै दे मलै
पछिल वीरान  ह्वे जौंला।।

आज पनि जांऊ जांऊ,....

भात पकाय बासमती को
भूख लग्या खै जौंला
उदास लागेलि डेरा
पहाड़ ऐ जौंला

पहाड़ ऐ जौंला
स्टेशन सम्म पुजै दे मलै
पछिल वीरान  ह्वे जौंला।।

आज पनि जांऊ जांऊ,....


गीत की ऑडियो की तुलना आजकल की तकनीकी के आधार पर ना करें।  यह गीत शायद बहुत पहले रिकॉर्ड किया गया होगा पर उनके स्वर की मिठास आप यहां भी महसूस कर सकते हैं

फोटो सोर्स: काफल ट्री वेब पोर्टल 

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