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भेल में इन्जीनियर छुं!

लेखक: राजेन्द्र जोशी


गौं में भागवत छी, सपै लोग आईं भाय।
हरद्वार बटि ठुल जिठबाज्यु राठ ले सपरिवार ए रौछि, उनार ठुल च्यालैकि नयी नयी नौकरी लागि रैछि।
घर पनाक बुड़-बाड़ि सय़ांण लोग ले खुशि हयीं भाय।
ततु में पाल् भतराक बड़बाज्यु'नैलि जिठबाज्यु'नाक च्याल कें बुलै बेर पुछौ...
बड़बाज्यु : नाती भल भय नौकरी लागि गे; टैम पर भैर न्है गया पढ़ लिख हालि तुम लोगनेंलि।
इजा कैसि मिल रै नौकरी...?
नाति : बड़बाज्यू भेल में इन्जीनियर छुं।
(बड़बाज्यु रिसै बेर जानै रयीं, कैलि जिठबाज्यु'न कें बतै दे तुमार च्यालैलि बड़बाज्यु'न दगाड़ खिचर्योइ करी कै)
जिठबाज्यु : अरे चचा कि बात भै, क्यै नाराज हैरौछा।
बड़बाज्यु : के नै यार, मणि नानतिननकैं शिष्टाचार सिखूंणें चें।
कम हैे कम उमर'क लिहाज् करण चेंनभये नभय... !!,
मैथें कुणौ भेल में इन्जीनियर छुं कै।
जिठबाज्यु : अरे!! चचा उ सरकारि नौकरी छ्, नाम तसै छ.. BHEL बिजुलिक मशीन बंण'नि वीमें बल्।
बड़बाज्यु : अरे! सरकारि छनैं..भे # @ ।
चलो.... काम् ठीकै हुनौल......... या तसै छ्


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