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देखो दाज्यू म्यर पहाड़ बज्यूण है गो

श्याम जोशी

देखो दाज्यू म्यर पहाड़ बज्यूण है गो।


पहाड़क ले फेसबूकम फस्क्यूण गई।
खेती पाती सब यां ले बज्यूण है गई।।
देखो दाज्यू म्यर पहाड़ बज्यूण है गो।

बोटु ताऊ बे जेबर सब सेल्फी लिणहम मस्त छन।
बाकि सब लोग पऊ पे बेर गध्यारम परस्त छन॥
देखो दाज्यू म्यर पहाड़ बज्यूण है गो॥

बाड़ा ऊना पन सिसुण जमण भैगो।
पहाड़क आदिम शहर जाण नेह्गो॥
देखो दाज्यू म्यर पहाड़ बज्यूण है गो।।

घरक खांण हरेगो मैगी चौमिन में मन न्हैगो।
आपणी भाषाक बुलाण छुट गौ अंग्रेजी में दिल भैगो॥
देखो दाज्यू म्यर पहाड़ बज्यूण है गो।।




रचनाकार: श्याम जोशी अल्मोड़ा

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