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ऐ जाओ म्यर परदेशी घुमी आला पहाड़ा

 

ऐ जाओ म्यर परदेशी घुमी आला पहाड़ा
रचनाकारश्याम जोशी

हिट परदेशियों घूम आला म्यर पहाड़ा।
देख्यि आला उच्च नीच डाना काना।।

आज जुले भौ जुले नि कोव।
आज जाओ म्यर पहाड़ा घूम आओ।।

अल्माड़ा बे घुमला उच्च डानियोमा।
नैनीताला बे देखुला ठुल ठुल ताला।।

गहतक डुबका खाला भटटी राजड़।
भांगकी खटे खाला हरी काकड़क रैत।।

हिट परदेशियों घूम आला
हिट परदेशियों घूम आला म्यर पहाड़ा घुमी आला।

श्याम जोशी अल्मोड़ा (चंडीगढ़)
( सर्वाधिकार सुरक्षित )

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