
कोरोना महामारी और भारत
संपादकीय, कुमाऊँनी मासिक: पहरू(अप्रैल-2020)
दिसंबर 2019 में चीन क बुहान शहर में निमोनिया बै शुरू बिमारी कैं 6 जनवरी 2020 हुं चीन में कोरोना वायरस नामल पछयाणी गो। 7 जनवरी 2020 हुं चीन द्वारा विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) कैं वायरल फैलणकि सूचना दिई गै। 9 जनवरी 2020 हुं बुहान (चीन) में कोरोना बीमारील पैल मौत भैछ। एक मैंस बै दुसर मैंस में सरनी य बीमारी कैं 11 फरवरी 2020 हुं कोविड-19 नाम दिई गो। 11 मार्च 2020 हुं विश्व स्वास्थ्य संगठन द्वारा य कोरोना बीमारी कैं महामारी घोषित करी गो।
आज य कोरोना बिमारी कोविड-19 दुनियांक 192 देशों में फैल गे। सार दुनी में हाहाकार मच रौ। संसार में आपातकाल जसि हालत छु। दुनियकि महाशक्ति कई जानी देश लै य महामारी सामणि लाचार देखीनई। यास हालत में भारत सरकार और प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ल समय पर साहसिक वकठोर कदम उठाई, जैल भारत में य महामारी नियंत्रण में छु।
प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदीक अपील पर भारत में 22 मार्च 2020 हुं स्वैच्छिक जनता कर्फ्यू लागू करी गो। य दिन पुर देश बंद रौ। सब लोग आपण-आपण घरों में रई। व्याल हुँ 5 बाजी सब लोगनल 5 मिनट तक आपण-आपण घरों बै ताइ, थाइ,शंख-घंट बजाई। फिर दुबारा 5 अप्रैल 2020 हुं रात नौ बाजी सबनल आपुण-आपुण घरोंकि बिजुलि/उज्याव बंद करिबेर आपुण-आपुण घरोंक भ्यार 5 मिनट तक दिय, मोमबत्ती, टौर्च, मोबाइल जलै बेर, दिवालि जस मनै बेर कोरोना महामारी खिलाफ लड़ाई में एकजुटता दिखै। इन आयोजनोंल देश में फैली निराशा व हताशा माहौल कैं टोड़ि बेर कोरोना महामारी खिलाफ लड़ाई में एक नई उत्साह, उमंग व जोश देखीनौ और पुर देशक एकजुट हैबेर कोरोना खिलाफ लड़ाई में सरकारक दगाड़ ठाड़ हुणक संकल्प, समर्थन और सहयोग सामणि आछ। दगड़-दगडै स्वास्थ्य सेवा, मीडिया, पुलिस, प्रशासन व जरूरी सेवाओं दगै जुड़ी कर्मियोंकि हौसला अफजाई लै भैछ।
कोरोना बिमारी कैं फैलण है रोकनै लिजी लौक डाउन कैं एक जरूरी कदम समझि बेर भारत सरकार द्वारा 25 मार्च 2020 बटी पुर देश में 21 दिनक लौक डाउन घोषित करी गो। 14 अप्रैल 2020 हुं य लौक डाउनकि मियाद पुर हुण पर देश में कोरोना बिमारीक फैलाव कैं देखते हुए फिर 03 मई 2020 तक पुर देश में लौकडाउनकि घोषणा हैगै।
14 अप्रैल 2020 तक विश्व स्वास्थ संगठन द्वारा जारी आंकड़ोंक अनुसार कोरोना महामारील सबन है जादा प्रभावित देशोंक हालत य प्रकार छु-संसार में कोरोना पीड़ित संख्या-19,46,386 व कोरोना बिमारील हई मौत-1,21,704 छ। अमेरिका में एक मार्च 2020 हुं कोरोना बिमारील पैल मौत भैछ। 14 अप्रैल 2020 हुंअमेरिका में पीड़ित-5,87,815, मौत-23,654, इटली में पीड़ित-1,59,516, मौत-20,465, स्पेन में पीड़ित-1,72,541, मौत-18,056, फ्रांस में पीड़ित-1,37,877,मौत-14,967, ब्रिटेन (इंगलैंड) में पीड़ित-93,873, मौत-12,107, बेल्जियम में पीड़ित-31,119, मौत-4,157, चीन में पीड़ित -82,249, मौत-3,341 व जर्मनी में पीड़ित-1,30,383, मौत-3,215 छु। भारत में 02 मार्च 2020 हुं कोरोनाक पैल मामिल सामणि आछ और 12 मार्च 2020 हुं कलबुर्गी (कर्नाटक) में कोरोना बिमारी द्वारा पैंल मौत भैछ। 14 अप्रैल 2020 हुंदेश में 9,594 कोरोना पीड़ित है गई और 335 लोग कोरोना बिमारील मर गई। उत्तराखंड में पैल मामिल 15 मार्च हुं सामणि आछ और 14 अप्रैल 2020 हुं 37 कोरोनापीड़ित हैगई।
इन आंकड़ों अनुसार हम और हमर देश य कोरोना महामारी खिलाफ दुनियांक संपन्न देशोंक तुलना में बेहतर हालत में लड़नयां, य संतोषकि बात छु। हमर देश में कोरोना बै 14 अप्रैल 2020 तक 1062 मरीज ठीक है गई। कोरोना बिमारी बै ठीक हई लोगोंकि तादात लै संतोष दिणै। हमार बैज्ञानिक कोरोना बिमारीक इलाजै लिजी दवा व टीका खोज में जुटी हुई छन। उमीद करनू जल्दी दवा सामणि ऐ जालि। य लोक डाउनल पुर देश ठप छु। सब कारोबार बंद छन। सब लोग आपुण घरोंक भितर छन। देश कैं भले ही यलोक डाउनल भौत भारि आर्थिक नुकसान उठून पड़ल और सबन है जादा मार रोज कमूनी-रोजखानी मजदूर वर्ग तथा नान कारोबारियों पर पड़ने, पर' जान है तो जहान है'। उपनिषद में एक वाक्य छ-'शरीरमाद्यं खलु धर्म साधनम्' अर्थात शरीरै सब कर्तव्यों कैं पुर करनक साधन छु। यई बात कैं ध्यान में धर बेर हमूकैं धीरज धरण पड़ल और ज्यान बची रौली तो हालात अघिल कैं समइ जाल। य महामारी क संकट में हमूकैं निराशा और हताशा छोड़ि बेर धीरज और अनुशासन बणाई धरण भौत जरूरी छु। अगर देशकि जनता सरकारक निदेशों पालन करते रौली तो उमीद करनू भारतबै कोरोना महामारी जल्दी खतम हैसकलि।

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