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ना पियो-ना पियो शराबा.....

ना पियो-ना पियो शराबा.....
रचनाकारश्याम जोशी

गोपी दा की हालत गोपी दा जाने और ना जाने कोई।।
ठुल च्यल शराबी ह्वे गया है नान च्यल ह्वेगो डोई।।
च्याला की हालत देख बेर शेर दा की घरवाली बहुत रोई।।
"पसन्द आया तो बतायेगा जरुर"!

ना पियो -ना पियो शराबा तुमार नान तिन है जाला खराबा .......
सब तुम्हर मुँख चानी, नान तुम्हर ख्वर खानी……………
केसी तरल भेंस लौन खाली न्ह्गो सारे हीउन
ना पियो-ना पियो शराबा तुमार नान तिन है जाला खराबा .

खाली न्ह्गो सारे हीउन तुम है रौछा पी बेर डोंन .............
तैशी जे के रुन्छा जीउन,खाली न्ह्गो सारे हीउन
ना पियो-ना पियो शराबा तुमार नान तिन है जाला खराबा ……
रत्ती ऊठी बोतल चायी झट मांगों गिलाशा …………….
चार दिन की जिंदगी तुम्हर हे जली बर्बादा ……………
ना पियो-ना पियो शराबा तुमार नान तिन है जाला खराबा।

श्याम जोशी अल्मोड़ा (चंडीगढ़)
(सर्वाधिकार सुरक्षित)

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