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कुमाऊं के लोक देवता झांकर सेम

सेम ग्राम देवता हैं प्रत्येक गांव में सेम का मंदिर होता है जहां नवरात्रियों में घर फसल आदि की रक्षा के लिए सेम की पूजा होती है। There are many local deity in Kumaun region, Jhankar Sam Devta deity of Kuman worshipped as God in the region

कुमाऊँ के लोक देवता झांकर सेम

लेखक - दुर्गा दत्त जोशी

जागेश्वर के पश्चिमी पर्वत की चोटी देवदारू के वन पर स्थित है झांकर सेम का दिव्य मंदिर। झांकर सेम जागेश्वर के क्षेत्रपाल हैं। यह अत्यंत सरल हैं और न्यायकारी हैं जो दुष्टों को दंड और भले का भला करने वाले हैं। सेम के इस दरबार में दूर दूर से दर्शनार्थी आते हैं और सेमजी का अर्चन पूजन कर मनोकामना के अनुसार फल पाते हैं।

सेम शब्द कुमाऊंनी है जिसका मतलब होता है स्वयंभू।  सेम ग्राम देवता हैं प्रत्येक गांव में सेम का मंदिर होता है जहां नवरात्रियों मे घर फसल आदि की रक्षा के लिए सेम की पूजा होती है। नया अनाज मंदिर में चढ़ाया जाता है। रोट व भेंट चढ़ाई जाती है।

झांकर सेम में बकरे भी चढाए जाते हैं परंतु केवल सेम गणों के लिए झांकर सेमजी को केवल दाल भात भोग लगता है।

Drx Ghanshyam Andola जी द्वारा की गई टिप्पणी.
जय हो सैंम देवता की,सैंम कालिनारा के मानस पुत्र हुए, सैंम को देवताओं का मामा भी कहा जाता है हाँ गोल्ज्यू के भी मामा हुए बल "छिपलाकोट" से हरू को गोल्ल के साथ मिलकर छुड़ाकर भागने में कहीं पत्थर से उनके पांव में चोट आ गई अत: सैंम का "डंगरिया एक पाँव पर नाचता है। "सेम मुखेम द्वारिका" से सैंम को श्रीकृष्ण अवतारी भी कहा जाता है। बल


दुर्गा दत्त जोशी
दुर्गा दत्त जोशी जी द्वारा फेसबुक ग्रुप कुमाऊँनी शब्द सम्पदा से साभार
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