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साहित्य में कोरोना काल


साहित्य में कोरोना काल

संपादकीय, कुमाऊँनी मासिक: पहरू (मई-2020)

कोरोना वायरस कोविड-19 महामारील संसार में तहलका मचै रखौ। दुनी में जन जीवन ठप छ। लाखों लोग बीमार पड़ रई और लाखों मर गई। हम परमपिता परमेश्वर कशुक्रगुजार छौं कि 'पहरू' सदस्य और रचनाकार यो बीमारी वटि बची छन।

समाज में कोई लै बसि चीज, घटना हैंछ जो समाज में गैर असर डालें तो उसाहित्य लेखनक लै विषय बण जैं। कोरोनाल लै सार संसार में असर डालि रखौ। लौक डाउन में सब लोग आपुण-आपुण घरों में बंद छन। जन-जीवन ठप छ । स्वाभाविक छु कोरोनालै साहित्य लेखन क विषय जरूर बणल। हर भाषा में आज कोरोना पर साहित्य लेखीनौ।

हमूल लै'पहरू' में छपणे लिजी कोरोना पर कविता व गीत लेखिया कै बेर 30 अप्रैल 2020 वटसप व फेसबुक में पोस्ट डाले। जैमें 10 मई 2020 तक रचना भेजण छी। हमूकै पहरू' पाठकों के यो बताते बिशेष खुशी हुनै कि करीब 75 है सकर कुमाउनी रचनाकारोंकि कोरोना पर कविता/गीत 'पहरू' हुं भेजी गई। यदुक भारि तादात में पहरू'लिजी कविता/गीत भेजण लिजी हम आपूं सब रचनाकारोंक धन्यबाद अदा करनू। हमूक यो बात पर गर्व छु कि रचनाकारोंक 'पहरू' के हमेशा आपुण रचनात्मक सहयोग और आशीर्वाद मिलते रौं।

'पहरू' मात्र 44 पेजोंकि (कबर सहित) भौत नानि पत्रिका छ, सबै 75 रचनाकारोंकि कविता/गीत एक अंक में छपण मुमकिन न्हां, फिर लै यो बार चार पेज कविता लिजी दिबेर 23 रचनाकारोंकि कविता/गीत 'पहरू' में छप रई। 'पहरू' में छपी रचनाकारों अलावा हमूक- दीवान सिंह करायत-राईआगर, दिनेश भट्ट-पिथौरागढ़, देवकीनंदन भट्ट 'मयंक'-हल्द्वानी, नारायण सिंह बिष्ट-हल्द्वानी, खुशाल सिंह खनी-नैनी, जागेश्वर, देवेन्द्र प्रसाद जोशी-जैती, अल्मोड़ा, रामप्रसाद आर्य-चंपावत, संजय जोशी 'सतत'-जैंती, देवेन्द्र सती- ताड़ीखेत, प्रकाश पांडे-हरिद्वार, सुंदर लाल मदन-हल्द्वानी, भास्कर जोशी- दिल्ली, कपाल सिंह शीला-भिकियासैण, कैलाश चंद्र बिनवाल-अल्मोड़ा, देवकीनंदन कांडपाल-काकड़ीघाट, दामोदर जोशी 'देवांशु'-हल्द्वानी, केशवानंद जोशी-बागेश्वर, महेन्द्र ठकुराठी-बड़ालू, डॉ.प्रदीप उपाध्याय-हल्द्वानी, मंजू विष्ट-गाजियाबाद, चंदन लाल-धौलादेवी, देवेन्द्र सिंह मौरा-गंगोलीहाट, विनायक जीवन जोशी-हल्द्वानी, सूरज आर्य-बेरीनाग, भारती पांडे-देहरादून, डॉ. आनंदी जोशी-पिथौरागढ़, तारा पाठक-हल्द्वानी, कल्पना पंत-देहरादून, गिरीश चंद्र भावुक-दिल्ली, डॉ. दलीप बोरा-अल्मोड़ा, भुवन बिष्ट- ताड़ीखेत, हेमलता वर्मा-अल्मोड़ा, कमला पंत-हल्द्वानी, रमेश रावत-गरूड़, विष्णुदत भट्ट 'सरल'-चंपावत, सोनू उप्रेती- धौलादेवी, सुधा जोशी-ताड़ीखेत, दीपक भाकुनी-चनौदा, डॉ. गोपाल कृष्ण जोशी-बागेश्वर, देवेन्द्र सिंह -जैंती, लक्ष्मी भट्ट बड़सिलिया-हल्द्वानी, लता पांडे-अल्मोड़ा, राजू पांडे-चंपावत, डॉ. हेमचंद्र तिवारी-अल्मोड़ा, माधवानंद लोहनी-हल्द्वानी, डॉ. कुंदन रावत-बागेश्वर, भोपाल सिंह बिष्ट'कलियुगी'-हल्द्वानी, ममता नेगीबागेश्वर,शंकर जोशी-जैती, राजेन्द्र ला-काठगोदाम, नवीन भट्ट-दन्या आदि रचनाकारोंक कविता/गीत मिल रई। इनमें कई नई रचनाकारोंकि कविता/गीत लै हमूक मिली और आजिरचना मिलण में छन।

य अंक में कोरोना पर लेखी जो रचनाकारोंकि कविता/गीत छपि नैं सक, उनकै निराश हुणकि जरवत न्हांत, किलैकी कोरोना काल लंब चलणकि संभावना छ। अघिल कै अंकों में ले हम हौर रचनाकारोंकि कविता/गीत देते साल। रचनाकारों हुंहमर योले निवेदन छ कि कोरोना काल में लोगों कैं जो पेरशानी, दुख, कष्ट झेलण पड़नौ उकै चित्रित करते हुए साहित्यक सबै विधाओं में रचना लेखी जै सकीनी। लेख, निबंध, कहानि, नाटक, डायरी, पत्र, उपन्यास, संस्मरण, व्यंग, नानिकाथ, रिपोर्ताज आदि विधाओं में ले लेखि बेर पहरू हुंभेजिया । आपुणि रचनाओंकि इंतजारी रौलि।
सावधानी धरिया,कोरोना बै बचिया और लेखन कार्य करते रया।.. 

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