
😛रधुली इज -बाबू'क फसक 😝
लेखक: कैलाश सिंह 'चिलवाल'
दगड़ियो!! आभोव रधुली बाबू 'क
पाँचै आऊ घ्यू में और ख्वौर् भद्याव में छु हो (पाँचो उंगली घी मे सर कढ़ाई में) -
-किलै भनपान आफी करणयी विचारे रधुली बाबू ! 😪
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रधुली इज : सुणो हो ! आज मोद् दा दगाण फोनम बात है मेरि!
रधुली बाबू : ओ बाबा! मन की बात कार्यक्रम में है छा तेरि बात??
रधुली इज : होई कौ मोदी जी आपण मनैकि बात कूण लागि राछी ---मील लै आपण "मनोरथ" बतै दे कौ।
रधुली बाबू : के मनोरथ छु त्यौर जो मी पुर नी कर सकन???
रधुली इज : अरे तुम तो म्यौर् स्वामी भया, तुमरै तरक्की लिजी मिन्नत करी मील---😪😪
मोदी जी कूण लागि राछी, "बहना आज से रधुली के बाबू को घर पर ही बी.जे.पी. का मुखिया बना देना ---
रधुली बाबू : मतलब के भौय?? घर पर BJP
रधुली इज : बी --बरतन, जे --झाड़ू, पी-पोछा विभागाध्यक्ष। 😛😛
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रधुली इज : (स्वयं से इतराते हुए ) आज बीस साल बाद ---हाँ हाँ पुर बीस साल बाद रधुली बाबु 'ल म्यौर कान में "आई लव यू " 😜कै दे हो ---थैन्क् यू मोदी जी ??!!
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रधुली इज : यौ बताओ हो "सोसल डिस्टैनसिन्ग" के भौय हमैरि कुमाउनी में??
रधुली बाबू : मोद् दा है पुछि ले जा ----???😎😎
---" उथकै मर्" !!😛😛
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आजि भौतै दिन बाकि छै हो महाराज ---आपु लै बणछा BJP????
कैलाश सिंह'चिलवाल'। 2/4/2020
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