
ब्या एक फैशन
रचनाकार: राजू पाण्डेय
त्याड़ी ज्यूँ चेली ब्या देखि
रमदा उदास है गई
बैठ्या बैठ्या कई ख्याल
दिमाग में उन लाग् गई।
त्याड़ी ज्यूँ गाड़ी बुक करि
गौ वाला डिस्टिक हेड ली गई
वो देखो ठूला होटल में
बरयाते ब्यवस्था हे रई।
ठूला ठूला भाणा में
छान बानी पकवान बन रई
जोता चप्पलो में सब जणी
ठाडा ठाडा खान नई।
बरयात आयी आये नि भे
लोग खा पी बे नैह गई
जाणी बखत त्याड़ी ज्यूँ बठी
मिठा डाबो ली जाण नई।
कतुक दहेज दी राखो
कतुक खान पिंण में लग गई
सोची सोची रमदा
पुराणा दिनों में पूजी गई।
गौ में चेली ब्या
गौ वालाको काज हुछि
लाकुड़ी पाणी बन्देज
गौ वालाको काम हुछि।
दूद छास गौ वाला जामा करि
मिलीजुली खाणो बनुछि
दहेजा नाम पर दयाजु
ड्यू साड़ी पौच भाणा हुछि।
गौ वाला का रजाई कामुला
ब्या वाला घर पूजि जाछि
आपसे मे मिलीजुली दयाजु
चेली ब्या है जाछि।
होटलों में ब्या करणो
आब फैशन झ बन गई
देखावा का चक्कर मे
गरोबो खिन मुश्किल हैं गई।।

शब्दार्थ :
चेली - लड़की। ब्या - शादी।
भाणा - वर्तन। छान बानी - भिन्न प्रकार के।
ठाडा ठाडा - खड़े खड़े। बठी - से।
बन्देज - ब्यवस्था।
~राजू पाण्डेय, 04-05-2019

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