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रधुली इज बाब् लांकडाउन

कुमाऊँनी व्यंग्य, रधुली इज बाब् लांकडाउन - रधुली मै गजब होशियार Kumaoni Satire, couple in corona lock down

😝रधुली इज बाब् लांकडाउन😝 
लेखक: कैलाश सिंह 'चिलवाल'
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रधुली बाब्: रधुली इजा! यार यौ 8000/-रुपै कैश छु म्यौर् पास, सारि रात गणिमणि लागियै रै कूंणयू,"के बिजनैस खोलू या फिर पेट्रौल पंप लगू़णै लिजि अप्लाई करू?? 😴😴

रधुली इज: मेरि बात सुणंला तो 'एडिया' बतू??

रधुली बाब्: त्यैरै बताई 'एडिया' परिणाम छु कि आज इतु ठुलि रकम जम छु म्यौर् खात् में! 😴😴

रधुली इज: एक काम करो, "जो साईकिलै लिजी लोन ल्ही रौछी नै तमूल वीक बैंक स्टेटमैंट "के एन बी" में भेजि दियो उ बिना गारंटी मुफ्त में लोन दिनी बल् ---जसिकै उनूल 'नीरव मोदी' कै दे"।  फिर तुमर पास जो कैश छ उ 'वरकिंग कैपीटल ' यानि चालू खर्च पाणि चलूण में काम ए जालि!! 😎😎😎

----रधुली मै गजब होशियार ---😝😝😝
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रधुली बाब्: किलै एक घंट है गो तू कै तौ साग वाल् दगणि किलै औलजी रे छै,तदूक गाई- मुखाई किलै ठोंकणै छै उ बिचार कै 😠😠

रधुली इज: तुम कुटै रौ हां "यौ साग वाल् एक शब्द लै नी बुलै सकन, मी भलि कै पछ्याणू उकै --"उ लै तुमरै चारि घरवाई और नान्तिना वाल् मैस छु। 😮😮😮

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