गोपाल बाबू गोस्वामी जी के सदाबहार सुमधुर गीत

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मित्रों
कुमाऊँ में शायद ही कोई ऐसा होगा जो स्व गोपाल बाबु गोस्वामी जी के नाम से अपरिचित हो! गोस्वामी जी के सुमधुर गीतों को सुनकर कौन नही कुमाऊँ की सुरम्य वादियों में खो न जाता हो! लेकिन आजकल स्व गोस्वामीजी के गीतों को मूल रूप में प्राप्त करना बड़ा मुश्किल है इसी समस्या के चलते मैंने अपने एक परिचित के सहयोग से गोस्वामी जी के करीब ७५ पुरानो गीतों को एकत्र कर उन गीतों को mp3 format में बदल कर इंटरनेट पर अपलोड कर दिया जिससे गोस्वामी जी के गीतों के प्रशंसक कम से कम उन गीतों की झलक प्राप्त कर सकें तहत नए लोग भी उनकी आवाज से परिचित हो सकें पुराने होने के कारन ये गीत गोस्वामी जी की सुमधुर वाणी को साकार टू नही कर सकते हैं, नही आजकल के संगीत की तकनीकी से मुकाबला कर सकते हैं
मेरा उद्देश्य किसी के व्यावसायिक हितों को नुकसान पहुँचने का भी नही है, मैं केवल उस महान गायक की आवाज को आप पाठकों तक पहुँचाना चाहता हूँ

कृपया नीचे के लिंक पर जाकर क्लीक करें:-इस संग्रह में से गोस्वामी जी के कुछ प्रसिद्ध गीत मैं यहाँ नीचे भी आपके लिए दे रहा हूँ:-मुझे आशा है आप लोग जरुर गोस्वामी जी के गीतों का रसास्वादन करेंगे:-

कै लै बजै मुरूली बैणा, ऊँचि-ऊँचि डांड्यू  मा

अलघतै बिखौति मेरि दुर्गा हरै ग्ये 



घुघूति नि बासा आमै कि डाई मा 

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4 टिप्पणियाँ

  1. इक़ भुलाए हुए कलाकार के बारे में आपका लेख, बहुत ही प्रशंसनीय है. सलाम आपको.
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    उल्टा तीर

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  2. स्व गोपाल बाबु गोस्वामी जी के सदाबहार सुमधुर गीतों के लिये धन्यवाद !

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