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घुट -घुटा बटुली लागी यो परदेश मा

रचनाकार: दयाल पाण्डे 


घुट -घुटा बटुली लागी यो  परदेश मा
मेरी सुवा डानो में होली घस्यारी वेश मा

चौमासी का दिना होला लागी होली हौली
तन लै भिजिया होलो मन भीजी रौलो
डबडबान आंख होला हिय भरी रोला
एकली परानी सुवा मन झुरी रोला

पापी दिन काटी नई यो परदेश मा
मेरी सुवा .......................

पांख हुना उडी जानो लहै जानो पहाडा
सुवा कैन देखि उना झट डाना पारा
सैपो म्यार छुट्टी दियो बस एकबार
मुख मुलैजी रुला रोज तुमोरा

घुट -घुटा बटुली लागी यो  परदेश मा
मेरी सुवा डानो में होली घस्यारी वेश मा

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