
मेरा उत्त्तराखण्ड छा महान
रचनाकार: बालादत्त बेलवाल जी
जननी जन्मभूमिश्च स्वर्गादपि गरीयसी अर्थात जननी और जन्मभूमि स्वर्ग से बढ़कर हैं।
मित्रों, माता तो इतनी सम्माननीय है कि मेरा शब्दकोष उसके आगे छोटा पड़ जाय।
जन्मभूमि के लिए दो शब्द आपको समर्पित कर रहा हूं।
मेरा उत्त्तराखण्ड छा महान,
देवी देवों की धरती छा यु,
बड़ा छा तीर्थ स्थान,
मेरा उत्तराखण्ड छा महान।
हरिदर्शन का द्वार भी मैं छन,
बदरी और केदार भी मैं छन,
यैई छा बैकुन्ठ धाम,
मेरा उत्तराखण्ड छा महान।
जनम मरन का लेख भी यै छा,
धरम करम उल्लेख भी यै छा,
ई छन चारों धाम,
मेरा उत्तराखण्ड छा महान।।
लछमन ज्यू कैणि शक्ति लगी,
यैईक संजीवनि मर्छा जागी,
प्रभु पाया जीवनदान,
मेरा उत्तराखण्ड छा महान।
गुरू नानक ज्युकि तपो भूमि यौ,
भगीरथ ज्यूकि कर्म भूमि यौ,
मां गंगा को जनम स्थान,
मेरा उत्तराखण्ड छा महान।
मेरा उत्तराखण्ड छा महान,
मेरा उत्तराखण्ड छा महान।

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फोटो सोर्स: गूगल
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