
मैंसन में हैंसि कर गया
विनोद पन्त 'खन्तोली'
वा भल मैंसो, मैंसन में हैंसि कर गया,
अणहोति यौ कैसि कर गया
वा भल मैंसो
सब सबनैल दशैं दिन रावण फूकौ
पुर देश में दशैं दिन रावण फूकौ
तुम एकादशी दिन रावणै'कि लै ऐसि तैसि करि गया
वा भल मैंसो, मैंसन में हैंसि कर गया
अणहोति यौ कैसि कर गया
वा भल मैंसो
हरकत यौ अनपढ़नैक जसि कर गया-2
आपुण मनै'कि मनकसि गर गया
दशैं दिन झगड़ फिसादै में रणि बेर-2
अणहोति यौ कैसि कर गया
वा भल मैंसो
एकादशी दिन रावणै'कि लै ऐसि तैसि करि गया-2
वा भल मैंसो
यौ दशहरा पुर पहाड़ै'की शान छी
हमर कुमाऊँ कि एक पहचान छी
तुमैल सांस्कृतिक नगरि'क लै ना डूबै दे-2
अणहोति यौ कैसि कर गया
वा भल मैंसो
अणहोति यौ कैसि कर गया
वा भल मैंसो
एकादशी दिन रावणै'कि लै ऐसि तैसि करि गया
रावणै'कि लै कुकुरगत्त कर गया
परंपरा कैं पट्ट कर गया
रावण'लै सोचना बल कैक हाथ पड़युं कै बेर
अणहोति यौ कैसि कर गया
वा भल मैंसो
एकादशी दिन रावणै'कि लै ऐसि तैसि करि गया
वा भल मैंसो, मैंसन में हैँसि कर गया
यौ बताओ ऊ दिन तस कि जोश ऐ-2
फिर त्यार खै बैसि दिन जै होश ऐ
यौ बताओ ऊ दिन तस कि जोश ऐ
फिर त्यार खै बैसि दिन जै कि होश ऐ
दशैं रावण कैं घरै'कि खेति समझ बेर-2
अणहोति यौ कैसि कर गया
वा भल मैंसो
अणहोति यौ कैसि कर गया
वा भल मैंसो
एकादशी दिन रावणै'कि लै ऐसि तैसि करि गया
वा भल मैंसो
सुनें विनोद पंत जी की कविता उनके अपने स्वर में
रावणकि एकतैसि करि गेया ... भलि लागली औरन ले सुणै दिया ..
विनोद पन्त' खन्तोली ' (हरिद्वार), 08-10-2022
M-9411371839
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